एएमजी-V का लेखापरीक्षा अधिकार क्षेत्र

एएमजी- V समूह धारा 13 एवं 15 के अंतर्गत 5 केन्‍द्रीय मंत्रालयों, विभागों की हमारे बारे में लेखापरीक्षा और उनके 34 जुड़े हुए/ अधीनस्थ कार्यालयों/सहायता अनुदानों लेखापरीक्षाओं, धारा 13 एवं 15 के अंतर्गत संवैधानिक निकायों और सीएजी (डीपीसी) अधिनियम 1971 की धारा 14 और 19/20 के अंतर्गत 12 स्‍वायत्‍त निकायों की लेन-देन लेखापरीक्षा करता है। इसके अलावा, यह समूह 21 वित्‍त/विनियोग लेखाओं, 16 भुगतान एवं लेखा कार्यालयों की लेखापरीक्षा इन मंत्रालयों के अंतर्गत 2 स्‍वायत्‍त निकायों और 1 बाह्य रूप से सहायता प्राप्‍त परियोजना के वार्षिक लेखाओं का प्रमाणीकरण करता है। इसके अतिरिक्‍त, यह समूह संवैधानिक निकायों अर्थात् लोक सभा और राज्‍य सभा के वाउचर लेखापरीक्षा के लिए भी उत्तरदायी है। विशेष कक्ष एएमजी- v का हिस्‍सा है, इस कार्यालयों से संबंधित निकायों/प्राधिकरणों के सीएजी (डीपीसी) अधिनियम, 1971 की धारा 14 के अंतर्गत मामलों की जांच करता है और धारा 19 और 20(1) के अंतर्गत लेखापरीक्षा भी इसे सौंपी गई है। लेखापरीक्षा संस्‍थाओं/इकाईयों को आगे चार प्रकार में वर्गीकृत किया गया है:

  • (i) वित्‍तीय/प्रमाणीकरण लेखापरीक्षाएं- वित्‍त लेखे, विनियोग लेखे की लेखापरीक्षा, सीएजी (डीपीसी) अधिनियम की धारा 19 और 20 के अंतर्गत आवृत्‍त स्‍वायत्‍त निकायों के लेखाओं का प्रमाणीकरण और मंत्रालयों के प्रधान पीएओ और पीएओ की लेखापरीक्षा भी शामिल है।
  • (ii) निष्‍पादन लेखापरीक्षाएं/विषयगत समीक्षाएं
  • (iii) आईटी लेखापरीक्षाएं
  • (iv) धाराओं 13,14,15, और 19 एवं 20 के अंतर्गत लेन-देन/अनुपालन लेखापरीक्षा
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