दूतावास लेखापरीक्षा का अधिकार क्षेत्र

दूतावास लेखापरीक्षा समूह दो केन्‍द्रीय मंत्रालयों अर्थात् बाह्य मामला मंत्रालय और प्रवासी भारतीय मामला मंत्रालय और धारा 13 एवं 15 के अंतर्गत उनसे जुड़े हुए/अधीनस्‍त कार्यालयों एवं सीएजी (डीपीसी) अधिनियम 1971 की धारा 14 एवं 19/20 के अंतर्गत 4 स्‍वायत्‍त निकायों की लेखापरीक्षा करता है। इसके अलावा, यह समूह चार वित्‍त/विनियोग लेखाओं,एक प्रधान मुख्‍य लेखा नियंत्रक कार्यालय, इन मंत्रालयों के अंतर्गत तीन स्‍वायत्‍त निकायों के लेखाओं का प्रमाणीकरण करने के लिए उत्तरदायी है। लेखापरीक्षा संस्‍थाओं/इकाईयों को आगे चार प्रकार में वर्गीकृत किया गया है:- -

  • (i) वित्‍तीय/प्रमाणीकरण लेखापरीक्षाएं:- वित्‍त लेखे, विनियोग लेखे की लेखापरीक्षा, सीएजी (डीपीसी) अधिनियम की धारा 19 एवं 20 के अंतर्गत आवृत्‍त स्‍वायत्‍त निकायों के लेखाओं का प्रमाणीकरण और मंत्रालय के प्रधान सीसीए की लेखापरीक्षा शामिल है।
  • (ii) निष्‍पादन लेखापरीक्षाएं/विषयगत समीक्षाएं
  • (iii) आईटी लेखापरीक्षाएं
  • (iv) धाराओं 13,14,15 और 19 एवं 20 के अंतर्गत लेन-देन/अनुपालन लेखापरीक्षा